ऐतिहासिक भव्यता का साक्षी बनेगा सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर का 76वां दशहरा महोत्सव : डॉ. राजेश भाटिया
ऐतिहासिक भव्यता का साक्षी बनेगा सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर का 76वां दशहरा महोत्सव : डॉ. राजेश भाटिया
पूर्वजों ने मंदिर की स्थापना कर शुरू की थी दशहरा पर्व मनाने की परंपरा : डॉ. राजेश भाटिया
फरीदाबाद। सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर, श्री सनातन धर्म महाबीर दल, मार्केट नंबर-एक, फरीदाबाद द्वारा 76वां दशहरा उत्सव इस बार और भी भव्य व् धूमधाम से मनाया जाएगा। दशहरा पर्व के आयोजन को लेकर आज मंदिर परिसर में प्रधान डॉ राजेश भाटिया तथा पंजाबी सभा के प्रधान राजकुमार वोहरा द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें दशहरा पर्व के तीन दिवसीय कार्यक्रम की पूरी जानकारी दी गई। प्रधान डॉ राजेश भाटिया ने बताया कि, सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर द्वारा इस बार 76वां दशहरा पर्व मनाया जा रहा है, उन्होंने बताया कि रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ इत्यादि के पुतले कारीगरों द्वारा तैयार किए जा रहे है वहीं लंका-दहन में भी इस बार विशेष होगा, जो श्रद्धालुओं को बेहद पसंद आएगा। डॉ भाटिया ने कार्यक्रम के बारे में पूरी जाानकारी देते हुए बताया कि 18 अक्टूबर को लंका दहन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, लंका को सुनहरे रूप में तैयार किया जा रहा है इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि कृष्णपाल गुर्जर-केंद्रीय राज्य मंत्री, भारत सरकार, धनेश अदलक्खा – बडखल विधायक व् चन्द्र भाटिया – पूर्व विधायक शिरकत करेगे, लंका दहन की शोभा-यात्रा दोपहर तीन बजे सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर, मार्किट नं 1 के प्रांगण से प्रारम्भ होकर 1 नं, 2नं व् 3नं से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगी व् 20 अक्टूबर को दशहरा की शोभा-यात्रा दोपहर तीन बजे सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर, मार्किट नं 1 के प्रांगण से प्रारम्भ होकर कल्याण सिंह चौक, आर्य समाज मार्ग, बजरंग बीकानेर से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगी और दशहरा मैदान में तीर चलाकर रावण तथा अन्य पुतलों का दहन किया जायेगा। जबकि 21 अक्टूबर को भरत-मिलाप की शोभा-यात्रा दोपहर तीन बजे सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर, मार्किट नं 1 के द्वारा संचालित – श्री हनुमान मंदिर, मिलाप स्मृति 3डी-42 के प्रांगण से प्रारम्भ होकर बीकानेर चौक, संतोष हॉस्पिटल, 3नं कुटिया, नमस्ते चौक, 4-5 चौक, 5नं शिव मंदिर, गुरुद्वारा सिंह सभा, गुरुद्वारा गुजरात ट्रैन व् बादशाह खान चौक से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगी। डॉ भाटिया ने कहा कि दशहरा पर्व उनके लिए एक पर्व न होकर उनके पूर्वजों द्वारा वर्षाे पूर्व शुरु की गई एक मुहिम है, जिसे वह हर वर्ष आगे बढ़ा रहे है। उन्होंने बताया कि जब उनके पूर्वज यहां आए थे, तब सभी ने एकत्रित होकर इस मंदिर की स्थापना की और तब से ही दशहरा पर्व के आयोजन की ऐसी शुरुआत की गई, जो आज तक जारी है और आगे भी जारी रहेगी। इस मौके पर पंजाबी सभा के प्रधान राजकुमार वोहरा ने कहा कि इस बार का दशहरा पर्व बेहद आकर्षक व् भव्य होगा, सभी तैयारियां जोरों पर चल रही है, पंजाबी सभा के सभी पदाधिकारी इसमें अपना सहयोग कर रहे है और दोनों संस्थाओं के सदस्य मिलकर इस दशहरा को भव्य रुप से मनाएंगे।

इस अवसर पर बंसी लाल कुकरेजा, मोहन लाल अरोड़ा, मोक्षित भाटिया, राहुल अदलक्खा, इन्दर चावला, सरदार अमरजीत सिंह भाटिया, सरदार मनीषजीत सिंह, अमर बजाज, तिलक भाटिया, रोहित कपूर, मनीष अदलक्खा, देवांश वर्मा, अनिल चावला, विपिन भाटिया, प्रेम बब्बर, रिंकल भाटिया, आशीष भाटिया, आशीष अरोड़ा, जितिन गाँधी, कुणाल बब्बर, अमित नरूला, भरत कपूर, रविन्दर गुलाटी व् गगन अरोड़ा शामिल रहे।